बोईसर : तारापुर औद्योगिक क्षेत्र एक बार फिर गंभीर रासायनिक प्रदूषण के आरोपों से घिर गया है। अंबिका वायर कंपनी में एस.एस. कॉइल की पिक्लिंग के नाम पर हजारों लीटर जहरीले रासायनिक अपशिष्ट को कथित तौर पर अवैध तरीके से ठिकाने लगाने का गंभीर आरोप स्थानीय नागरिकों ने लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, तारापुर औद्योगिक क्षेत्र से करीब 20 से 25 टन एस.एस. कॉइल पिक्लिंग के लिए बाहर भेजे जाते हैं। इन कॉइल की सफाई के लिए रोजाना करीब 5 हजार लीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड यानी HCL का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया जा रहा है।
पिक्लिंग प्रक्रिया के बाद तैयार होने वाले एसिडयुक्त रासायनिक अपशिष्ट को करीब 50 से 60 हजार लीटर पानी में मिलाया जाता है। आरोप है कि इस जहरीले सांडपानी को वैज्ञानिक तरीके से ट्रीट करने के बजाय कथित तौर पर सीधे पर्यावरण में छोड़ा जा रहा है।
अगर ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे मिट्टी, पानी और आसपास के पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। अब सवाल यह है कि आखिर इतना बड़ा रासायनिक अपशिष्ट खुले तौर पर कैसे ठिकाने लगाया जा रहा है और संबंधित विभाग की इस पर नजर क्यों नहीं है?